वाशिंगटन, 15 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब युद्ध जैसी स्थिति में बदल गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरानी तटीय इलाकों में मौजूद दर्जनों सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
लगभग सात घंटे तक चले इस ऑपरेशन में अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक बेड़े का इस्तेमाल किया गया। इन हमलों में ईरान की मिसाइल क्षमता, ड्रोन केंद्रों और तटीय रक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। अमेरिका का दावा है कि ये हमले वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक नाकाबंदी भी फिर से शुरू कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके बल राष्ट्रपति के निर्देशों का पालन करने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी है कि सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं होता है, तो अगले सप्ताह उसके बिजली संयंत्रों और प्रमुख पुलों को भी नष्ट कर दिया जाएगा।
ईरान ने इस सैन्य आक्रामकता पर कड़ा रुख अपनाते हुए संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा है। तेहरान ने अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने और युद्ध अपराध करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका शांति के प्रयासों को लगातार कमजोर कर रहा है।















