तेहरान, 15 जुलाई।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमलों की एक नई शृंखला शुरू करने का दावा किया है। इन हमलों को ऑपरेशन नस्र-2 का हिस्सा बताया जा रहा है।
चौथे चरण के तहत आईआरजीसी ने कुवैत के मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया है। वहीं, पांचवें चरण में बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवें बेड़े के कमांड सेंटर, सैन्य उपकरणों के डिपो और ईंधन भंडार पर हमले की बात कही गई है।
छठे चरण में जॉर्डन के अल-अज़राक बेस पर एयरोस्पेस फोर्स द्वारा कार्रवाई का दावा किया गया है। आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले में अमेरिका के कई लड़ाकू विमानों के शेल्टर और एमक्यू-9 ड्रोन नष्ट कर दिए गए हैं।
ईरान ने अमेरिका पर अपने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में क्रूज मिसाइल और हवाई बम गिराने का आरोप लगाया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक आक्रामक गतिविधियां बंद नहीं होतीं, यह सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद रखने और तेल निर्यात मार्ग प्रभावित होने की चेतावनी भी दोहराई गई है।
ईरान का आरोप है कि अप्रैल से अमेरिका लगातार उसके क्षेत्र का उल्लंघन कर रहा है, जो शांति समझौतों का भी अपमान है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया है कि वे होर्मुज में अवैध आवाजाही और घुसपैठ करने वाले जहाजों का समर्थन करने वाली हर गतिविधि का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।















