नई दिल्ली, 15 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जीवन में सफलता के मूल मंत्र दिए हैं। उन्होंने महाभारत काल के एक सुभाषितम् का उल्लेख करते हुए विद्या, कौशल और स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्या से ही विवेक की प्राप्ति होती है और कौशल के माध्यम से विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तम स्वास्थ्य ही वह आधार है जिससे हर संकल्प को सिद्ध किया जा सकता है।
अपने संदेश में उन्होंने 'धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं...' श्लोक साझा किया, जो यक्ष और युधिष्ठिर के संवाद से लिया गया है। इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने समझाया है कि सभी धनों में विद्या ही सबसे बड़ी संपत्ति है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, आज के युवा इन गुणों को पूरी तरह से आत्मसात कर रहे हैं। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की एक सशक्त और नई पहचान बन रही है।
अंत में उन्होंने संतोष को सभी सुखों में सबसे श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि कौशल को गुणों में सबसे उत्तम माना गया है और आरोग्य को सबसे बड़ा लाभ बताया गया है।
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