नई दिल्ली, 15 जुलाई।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए देश को गहरे आर्थिक संकट की ओर धकेलने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि अर्थव्यवस्था के सभी महत्वपूर्ण संकेतक इस समय खतरे के निशान पर हैं, लेकिन सरकार वास्तविक स्थिति से जनता का ध्यान हटाने में लगी है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि 44 महीनों में थोक महंगाई दर 9.87 प्रतिशत के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। ईंधन और बिजली की कीमतों में 27.4 प्रतिशत की भारी वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
खेती-किसानी के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। रमेश के अनुसार, मौजूदा बुवाई पिछले तीन वर्षों के सबसे निचले स्तर पर है। किसान न केवल सरकार की गलत नीतियों बल्कि मौसम की मार के कारण भी बेहद परेशान हैं।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि उद्योगों के लिए उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। सरकार पर आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की आर्थिक नाकामियों के लिए केंद्र को जनता को स्पष्ट जवाब देना होगा।
आम जनता आज महंगाई और बेरोजगारी के बोझ से दबी हुई है। सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं, इसे लेकर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने इस स्थिति को आर्थिक मोर्चे पर सरकार की पूर्ण विफलता करार दिया है।















