भोपाल, 15 जुलाई।
मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्त चाल ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। जुलाई के महीने में प्रदेशवासी एक बार फिर मार्च-अप्रैल जैसी चुभती गर्मी का सामना करने को मजबूर हैं। कई जिलों में पारा 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।
पिछले छह दिनों से प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश नहीं हुई है। इसी के चलते राज्य में औसत वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 7 प्रतिशत कम यानी 241.8 मिमी पर आ गया है। विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक कहीं भी बड़े अलर्ट की स्थिति नहीं है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 21 फीसदी कम पानी गिरा है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह कमी 6 प्रतिशत दर्ज की गई है।
आज बुधवार को मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जैसे 21 जिलों में हल्की बौछारों की उम्मीद जताई है।
इसके उलट भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में उमस भरी गर्मी का असर बना रहेगा।















