कोलकाता, 25 जुलाई।
राजनीतिक गलियारों में उस वक्त खलबली मच गई जब एक प्रमुख सांसद के खिलाफ जबरन प्राथमिकी दर्ज किए जाने का नया मामला सामने आया। यह पूरा विवाद एक निजी रिसॉर्ट में अवैध रूप से आयोजित स्वास्थ्य शिविर और भारी आर्थिक नुकसान से जुड़ा हुआ है।
प्रबंधन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक रिसॉर्ट को जबरन महीनों तक बंद रखकर कार्यक्रम आयोजित कराया गया था। इस दौरान मेहमानों के खाने-पीने और ठहरने का सारा खर्च भी होटल प्रबंधन पर थोप दिया गया, जिससे पर्यटन सत्र के दौरान उन्हें लाखों की चपत लगी।
आरोप यह भी है कि जब इसका विरोध किया गया तो रसूखदार लोगों ने धमकी दी और डरा-धमकाकर अतिरिक्त वसूली की कोशिश की। डर के साये में जी रहे पीड़ित पक्ष ने अब जाकर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कस दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए संबंधित नेता ने इसे सियासी बदले की कार्रवाई करार दिया है। उनका यह भी कहना है कि इस मामले में अदालत से भी उन्हें किसी तरह की विशेष राहत नहीं मिल सकी है, जिसके चलते मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।















