नई दिल्ली, 25 जुलाई।
सफदरजंग अस्पताल ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक से जुड़े वायरल वीडियो पर अपनी सफाई दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह वीडियो उच्च न्यायालय का लिखित आदेश मिलने से पहले का है।
अस्पताल के मुताबिक यह फुटेज 21 जुलाई को प्रतिबंधित क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई थी। बाद में लिखित आदेश मिलने पर मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को उन्हें सौंप दिया गया था।
इस मामले में सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अगमो ने सोशल मीडिया पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पुलिस पर मेदांता अस्पताल के बाहर पहरा लगाने और मिलने-जुलने पर रोक लगाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि जब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि वे हिरासत में नहीं हैं, तो पुलिस किस अधिकार से नियंत्रण कर रही है। यह हर भारतीय के लिए विचारणीय विषय है।














