नई दिल्ली, 25 जुलाई।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर जंतर-मंतर जाने वाले नागरिकों को रोके जाने पर गहरी चिंता जताई है। संगठन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले एक महीने से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और आम नागरिक वहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।
संगठन का आरोप है कि पुलिस द्वारा इलाके में अघोषित घेराबंदी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने वाले स्वयंसेवकों को लगातार रोका जा रहा है, जिससे वहां के हालात काफी गंभीर हो गए हैं।
उच्चतम न्यायालय के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए सीजेपी ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। जंतर-मंतर को किसी प्रकार का सैन्य क्षेत्र या जेल नहीं माना जा सकता है।
पुलिस प्रमुख से यह मांग की गई है कि वे संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दें ताकि नागरिकों को डराना-धमकाना बंद हो सके। साथ ही वकीलों, पत्रकारों, चिकित्सा कर्मियों और परिजनों को बिना किसी रुकावट के स्थल पर आने की अनुमति दी जानी चाहिए।













