भोपाल, 25 जुलाई।
मध्य प्रदेश में युवाओं से जुड़े न्यायिक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए ऐलान किया कि प्रदेश में चार नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
इन विशेष अदालतों के गठन से पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों का फैसला मात्र तीन महीने के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। ये अदालतें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाई जा रही हैं, जिन्हें उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू किया जा रहा है।
सरकार विद्यार्थियों के कल्याण के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और केंद्र के निर्णयों को सबसे पहले धरातल पर उतारने का काम करती है। नीट परीक्षा के मामलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत ये अदालतें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत परीक्षा संबंधी मुकदमों की त्वरित सुनवाई करेंगी। इस नई व्यवस्था से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी।














