इंदौर, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर ने अंगदान के मामले में एक बार फिर पूरी दुनिया में अनूठी मिसाल पेश की है, जहां खजूरी बाजार निवासी पच्चीस वर्षीय गौरव दवे के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने बड़ा कलेजा दिखाते हुए उनके कई अंग दान कर दिए, जिससे चार जरूरतमंदों को नया जीवनदान मिल गया है।
फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले गौरव को बीते तेरह जुलाई को अचानक ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लाख कोशिशों के बावजूद जब उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ, तब मेडिकल बोर्ड ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
जवान बेटे को खोने के असहनीय गम के बावजूद शोकाकुल माता-पिता और परिजनों ने मानवता की रक्षा का संकल्प लिया और हृदय, लिवर, किडनियों तथा आंखों के दान पर अपनी सहमति जता दी। इस नेक कार्य के लिए शहर में अड़सठवां ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया, जिसके जरिए उनके दिल को विमान से अहमदाबाद भेजा गया तथा अन्य अंगों का स्थानीय अस्पतालों में प्रत्यारोपण किया गया।
अस्पताल प्रशासन और मुस्कान ग्रुप के सक्रिय सहयोग से संपन्न हुई इस पूरी प्रक्रिया के बाद गौरव के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई। हालांकि चेन्नई से लॉजिस्टिक व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण अंतिम समय में फेफड़ों का दान टल गया, लेकिन इस महादान ने साबित कर दिया कि वे दुनिया से जाने के बाद भी अमर हो गए हैं।

















