नई दिल्ली, 27 जुलाई।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज की जा रही पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया था कि किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसलिए बाद में एफआईआर दर्ज किया जाना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जाखड़ ने दावा किया कि देशभर में 25 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि उनके परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे छात्रों पर दिल्ली में लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जबकि बिहार में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की घटना भी सामने आई।
एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। ऐसे में बाद में प्रकरण दर्ज किया जाना उस आश्वासन के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जाखड़ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है और एजेंसी के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।
एनएसयूआई ने बताया कि पुलिस एफआईआर से प्रभावित छात्रों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

















