नई दिल्ली, 27 जुलाई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में कई युवाओं को हिरासत में लिया गया है तथा प्रदर्शन में शामिल लोगों के सोशल मीडिया खातों की भी जांच की जा रही है।
सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में खरगे ने कहा कि देश का युवा लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, लेकिन अब तक उसके सवालों का संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों एवं अभ्यर्थियों में गंभीर चिंता बनी हुई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए गठित डॉ. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनने के बावजूद विभिन्न परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं क्यों सामने आती रहीं।
खरगे ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक एजेंसी में पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति नहीं होने से परीक्षा संचालन और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण से लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। सरकार को प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री से छात्रों और युवाओं से माफी मांगने तथा परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

















