पिछले दिनों हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में एक बड़े साहब की सबसे ताकतवर मंजिल से विदाई बहुत दुखदायी रही।
कल तक जो लोग साहब के इर्द-गिर्द मंडराते हुए बधाइयां देते थे, वे सभी अचानक गायब हो गए। साहब विदाई के समय जाने से पहले भवन को देर तक निहारते हुए शायद यही गुनगुना रहे थे...
















