जगदलपुर, 29 जुलाई।
आगामी खरीफ विपणन वर्ष के तहत समर्थन मूल्य पर धान पंजीयन की प्रक्रिया अब तेजी से शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने इस बार वनाधिकार मान्यता पत्र धारकों और डूबान क्षेत्र के किसानों पर विशेष फोकस किया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को इस संबंध में सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
नए किसान जिन्होंने पिछले वर्ष अपना पंजीयन नहीं कराया था, उन्हें इस बार अपनी उपज बेचने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए खाद्य विभाग की वेबसाइट के खाद्य अधिकारी मॉड्यूल में सबसे पहले फॉर्म आईडी बनवाना अनिवार्य किया गया है।
पंजीयन के वक्त किसानों को अपने अंग्रेजी नाम, पिता या पति के नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और कुल रकबे की पूरी जानकारी दर्ज करानी होगी। डेटा एंट्री का काम पूरा होने के बाद इन सभी किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल पर आधिकारिक रूप से पंजीयन किया जाएगा।
पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख समिति में जाकर भूमि और खसरे की मैपिंग करा सकेंगे। मैपिंग के बाद किसानों को एक विशेष यूनिक किसान कोड प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से वे अपनी धान की उपज आसानी से बेच पाएंगे।
प्रशासन ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ इस प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करें। नए किसानों की पूरी जानकारी तय प्रारूप में तैयार करके हार्डकॉपी और सॉफ्टकॉपी के जरिए जल्द से जल्द खाद्य नियंत्रक कार्यालय को भेजने को कहा गया है।















