हरिद्वार, 29 जुलाई।
गुरु पूर्णिमा और श्रावण मास के प्रथम दिन हरिद्वार में तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास के मार्गदर्शन में मुस्लिम महिला अनीसा बानो ने एक धर्मशाला में अखंड शिव यज्ञ का शुभारंभ किया। यह वैदिक अनुष्ठान 6 अगस्त तक शहर के विभिन्न स्थानों पर लगातार आयोजित किया जाएगा।
वैदिक विधि-विधान के अनुसार पंडित जितेंद्र ज्योति ने यज्ञ संपन्न कराया। अनुष्ठान में आहुति देने वालों में एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक, रिजवाना, अब्दुल्ला और इकरार सहित कई साधकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में महंत ओमदास, स्वामी करण गिरी, ठाकुर विशाल राणा, राजेश कुमार, देवेंद्र राजपूत समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में सहभागिता की।
संत राम विशाल दास ने कहा कि अखंड शिव यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के उद्देश्य से संचालित वैदिक अभियान है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का विशेष काल माना जाता है और इस दौरान यज्ञ, जप तथा तप का विशेष महत्व होता है। उनका कहना था कि श्रद्धा और आस्था से की गई प्रार्थना भगवान शिव तक अवश्य पहुंचती है तथा सनातन परंपराएं विश्व शांति, सौहार्द और मानव एकता का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
यज्ञ की यजमान अनीसा बानो ने बताया कि उन्होंने देश में सुख-शांति, समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और भारत के पुनः विश्वगुरु बनने की कामना के साथ यह अनुष्ठान आरंभ किया है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा का उल्लेख करते हुए भगवान शिव से अपने बच्चों से शीघ्र मिलन की प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ केवल उनकी व्यक्तिगत इच्छा तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में प्रेम तथा एकता स्थापित करने के उद्देश्य से समर्पित है। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की कामना भी व्यक्त की।
कार्यक्रम में मौजूद एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक ने कहा कि सनातन परंपराएं, यज्ञ और आध्यात्मिक साधनाएं मानवता को जोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि सभी सहभागी राष्ट्र, समाज और विश्व मानवता के कल्याण की भावना के साथ इस अनुष्ठान में शामिल हुए हैं।

















