काठमांडू, 29 जुलाई।
नेपाल के सुनसरी जिले के देवांगनज में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। हालात को देखते हुए नेपाल में प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वैध पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। कोशी प्रांत सरकार ने भारत से लगी दक्षिणी सीमा चौकियों पर सुरक्षा बढ़ाने के साथ सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
विराटनगर स्थित आंतरिक मामले एवं कानून मंत्रालय में बुधवार को आयोजित सर्वदलीय सुरक्षा बैठक में सीमा क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन को और सख्त करने तथा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने का निर्णय लिया।
कोशी प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी शेखर खनाल ने बताया कि रविवार रात हुई हिंसा के बाद संभावित सीमा पार घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मधेश प्रांत की पुलिस टीमों को भी दक्षिणी सुनसरी में तैनात किया गया है, जबकि अन्य जिलों से भी सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कट्टेल ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली है कि कुछ समूह धार्मिक संगठनों की आड़ में नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए सभी सीमा चौकियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल वैध सरकारी अथवा अन्य अधिकृत पहचान पत्र रखने वाले भारतीय नागरिकों को ही नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें हिरासत में भी लिया जा सकता है। अधिकारियों ने बिना वैध पहचान पत्र के सीमा पार करने का प्रयास करने वालों को प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि देवांगनज में रविवार रात दो समुदायों के बीच हुई झड़प के दौरान हिंसा भड़क गई थी। हालात नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की गोलीबारी में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई थी, जबकि 10 अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
हिंसा के बाद अशांति सुनसरी के दक्षिणी क्षेत्रों और जिला मुख्यालय इनरुवा तक फैल गई। आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद स्थिति पर नियंत्रण के लिए नेपाल सेना को भी तैनात किया गया है।

















