भोपाल, 31 जुलाई।
मध्यप्रदेश में सुशासन को जमीनी स्तर तक ले जाने और सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़े और व्यापक जन विश्वास अभियान की घोषणा की है। यह अभियान अगस्त माह से प्रारंभ होगा और छह माह तक लगातार चलेगा, यानी जनवरी 2027 तक प्रदेश के हर जिले, हर ब्लॉक और हर गांव में सरकार की मौजूदगी महसूस की जाएगी। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि मंत्री और स्वयं मुख्यमंत्री भी मैदान में उतरेंगे तथा जनता से सीधा संवाद करेंगे। अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है और अब इसे प्रदेशभर में लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
जन विश्वास अभियान का मूल उद्देश्य यह है कि सरकार और जनता के बीच जो दूरी वर्षों से बनी हुई है, उसे समाप्त किया जाए। आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं पहुंच पाती या फिर जानकारी होने के बाद भी उसका लाभ लेने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार फाइलें एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहती हैं और आम आदमी भटकता रहता है। इस अभियान के माध्यम से सरकार ने तय किया है कि अब अफसर और मंत्री जनता के दरवाजे पर जाएंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही समाधान का प्रयास करेंगे। इसके लिए पूरे प्रदेश में टीमों का गठन किया जाएगा, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
अभियान के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि इसमें फीडबैक लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि हर शिकायत, हर आवेदन और हर समस्या का रिकॉर्ड रखा जाएगा तथा उसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि किसी गांव में पेयजल की समस्या है, तो उसे तुरंत संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। यदि किसी किसान को खाद, बीज या ऋण में दिक्कत है, तो कृषि विभाग के अधिकारी उसी समय समाधान बताएंगे। यदि कोई पात्र व्यक्ति पेंशन या आवास योजना से वंचित है, तो उसका नाम सूची में जोड़ा जाएगा। इस तरह यह अभियान केवल सुनने का नहीं, बल्कि करने का अभियान होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान को सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका कहना है कि सरकार जनता के लिए है और जनता की समस्याएं ही सरकार की प्राथमिकता हैं। पिछले कई वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब जमीनी स्तर पर निगरानी हो और जनता को लगे कि सरकार उनके साथ खड़ी है। इसी सोच के साथ जन विश्वास अभियान तैयार किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और महिला सशक्तीकरण जैसी सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी तथा यह देखा जाएगा कि लाभार्थियों को वास्तव में लाभ मिल रहा है या नहीं।
इस अभियान की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसमें तकनीक का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा। हर टीम के पास टैबलेट और मोबाइल एप होंगे, जिनके माध्यम से वे मौके पर ही डेटा फीड करेंगे, फोटो खींचेंगे और रिपोर्ट अपलोड करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी जानकारी छिपे नहीं और सही फीडबैक शीर्ष स्तर तक पहुंचे। इसके अलावा एक हेल्पलाइन और पोर्टल भी बनाया जाएगा, जहां आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और उसकी स्थिति जान सकेंगे। पारदर्शिता लाने के लिए हर महीने अभियान की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी, ताकि जनता को पता चल सके कि उनके क्षेत्र में कितना काम हुआ है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह अभियान महत्वपूर्ण है। आगामी समय में पंचायत और नगरीय निकायों के चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार जनता के बीच जाकर अपनी उपलब्धियां बताना चाहती है और साथ ही यह भी जानना चाहती है कि जनता की अपेक्षाएं क्या हैं। विपक्ष भले ही इसे चुनावी स्टंट कहे, लेकिन यदि इस अभियान से वास्तव में एक भी गरीब को उसका अधिकार मिल जाता है, तो यह प्रयास सार्थक माना जाएगा। इतिहास गवाह है कि जब भी सरकार जनता के बीच गई है और उनकी बात सुनी है, तब सुशासन की जड़ें मजबूत हुई हैं।
जिला प्रशासन को भी इस अभियान की सफलता की जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी अधिकारी लापरवाही न करे। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायत आती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। वहीं, अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा, ताकि सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बने। पंचायत स्तर पर सरपंच और सचिवों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वही सबसे पहले जनता के संपर्क में आते हैं। सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि वे सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य कर सकें। मीडिया की भूमिका भी अहम होगी, क्योंकि उसके माध्यम से ही लोगों को पता चलेगा कि अभियान के तहत क्या हो रहा है और वे इसका लाभ कैसे ले सकते हैं। सरकार ने अपील की है कि लोग इस अभियान को अपना अभियान समझें और बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि अंततः यह उनके अपने हित की बात है।
जन विश्वास अभियान मध्यप्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। जब सरकार जनता के बीच जाएगी और जनता सरकार के सामने अपनी बात रखेगी, तो विश्वास की नींव और मजबूत होगी। योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचेगा तथा भ्रष्टाचार और लापरवाही पर भी अंकुश लगेगा। चुनौतियां बहुत हैं, संसाधनों की कमी है, दूर-दराज के इलाके हैं और सबसे बड़ी चुनौती कार्य संस्कृति में बदलाव की है। लेकिन यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। अगस्त से शुरू होने वाला यह छह माह का सफर प्रदेश को बेहतर सुशासन की दिशा में आगे ले जाएगा और यही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी।
डॉ. शिशिर उपाध्याय
















