नई दिल्ली, 31 जुलाई।
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित दंगा मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की फांसी की मांग को खारिज कर दिया और यह टिप्पणी की कि अपराध क्रूर होने के बावजूद अपराधी सुधार के दायरे से बाहर नहीं हैं, जिसके चलते यह बड़ा न्यायिक कदम उठाया गया है।
वर्ष 2020 की इस दर्दनाक घटना के संबंध में पीड़ित पिता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने यह खुलासा किया था कि प्रदर्शन के दौरान किस प्रकार सुनियोजित तरीके से शव को नाले में फेंका गया था। बचाव पक्ष के वकीलों ने इसे दुर्लभ से दुर्लभ मामला न मानते हुए अपनी दलीलें रखी थीं, और अब इस पर आए न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस सनसनीखेज मामले की चर्चा फिर से तेज हो गई है।
















