कोलकाता, 31 जुलाई।
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवातीय कम दबाव के असर से हो रही ताबड़तोड़ मूसलाधार बारिश ने पश्चिम मेदिनीपुर और झाड़ग्राम के ग्रामीण अंचलों में भारी तबाही मचा रखी है। एक तरफ जहाँ सबंग इलाके में उफनाती नदी के वेग से लकड़ी का बना हुआ पुल धराशायी होने के कगार पर आ गया है, वहीं दूसरी तरफ गोपीबल्लभपुर में लगातार पानी बरसने के कारण एक कच्चा मकान ढहने से कई मवेशियों की जान चली गई है, जिससे आपदा के वक्त बुनियादी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है।
पश्चिम मेदिनीपुर के लांगलकाटा क्षेत्र में केलेघाई नदी अपने चरम पर है और तेज बहाव के साथ बहकर आई जलकुंभी पुल के स्तंभों में अटक जाने से उस पर भारी दबाव बन रहा है, जो दोनों जिलों को आपस में जोड़ता है। खतरे को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने खुद ही पानी में उतरकर बांस के सहारे मलबे और कचरे को हटाने का कठिन अभियान छेड़ दिया है ताकि संपर्क मार्ग बचा रहे, और साथ ही वहाँ पक्का पुल बनवाने की पुरजोर माँग की है।
उधर झाड़ग्राम के पाटाजानिया गाँव में भारी वर्षा के चलते एक जर्जर मकान भरभराकर जमींदोज हो गया, जिससे गनीमत रही कि परिवार के लोग तो बच गए परंतु मलबे में दबकर एक गाय, तीन सूअर और कई पक्षियों की मौत हो गई, जिससे गरीब परिवार की आजीविका पर संकट आ खड़ा हुआ है। घटना की खबर मिलते ही राजनीतिक दल के स्थानीय नेता मौके पर पहुँचे और पीड़ित गृहस्वामी से मिलकर सरकारी सहायता, उचित मुआवजा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास मुहैया कराने की माँग प्रशासन के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाई है।
















