रांची, 31 जुलाई।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में भाजपा के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने धरना देकर मौन उपवास रखा और परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया। उन्होंने कहा कि पार्टी झारखंड के छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही सहित कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं की न्याय की मांग को भाजपा हर स्तर पर समर्थन देगी।
उन्होंने बताया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में एक अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 31 जुलाई की शाम सभी जिलों में मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में राज्य में कांग्रेस समर्थित सरकार के कार्यकाल के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने 14वीं जेपीएससी परीक्षा में भी गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी झारखंड में भर्ती मामलों पर चुप है।
आदित्य साहू ने कहा कि पिछले कई दिनों से छात्र अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बारिश और सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से समाधान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।
धरना और मौन उपवास कार्यक्रम में आदित्य साहू के अलावा सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह भी शामिल हुए।
















