झाबुआ, 31 जुलाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर जिले को विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये के ऋण वितरण की शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विभागों के 174.64 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया और 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने चारोलीपाड़ा में 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक नौ आयुर्वेदिक महाविद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। उन्होंने झाबुआ में 32.20 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय तथा रजला में 27.21 करोड़ रुपये की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने थांदला और पीपलखूंटा में पद्मावती नदी किनारे घाट निर्माण, झाबुआ में खेल परिसर निर्माण और थांदला में हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पक्का हेलीपैड बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पट्टों की रजिस्ट्री निशुल्क की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्कूल गणवेश उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में अधोसंरचना मजबूत होने के साथ आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

















