नई दिल्ली, 31 जुलाई।
दूरसंचार विभाग (डीओटी) के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्थान सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने वार्षिक आईपी पुरस्कार समारोह-2026 में बौद्धिक संपदा सृजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 64 वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। इस दौरान दिल्ली परिसर में विकसित 47 पेटेंट, 3 कॉपीराइट और 8 शोध-पत्रों को भी औपचारिक मान्यता प्रदान की गई।
सी-डॉट के अनुसार, समारोह का उद्देश्य उन शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों का सम्मान करना है, जिनके नवाचारों ने भारत के स्वदेशी दूरसंचार प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है। संस्थान ने कहा कि लगातार बढ़ते पेटेंट और बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो से अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में उसकी क्षमता मजबूत हो रही है।
सी-डॉट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कहा कि नवाचार, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार स्वदेशी दूरसंचार तकनीकों के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पेटेंट और शोध भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।
संस्थान ने बताया कि वह अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों, साइबर सुरक्षा, क्वांटम संचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आपदा प्रबंधन प्रणालियों और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है।
सी-डॉट ने यह भी बताया कि हाल ही में बेंगलुरु परिसर में आयोजित वार्षिक आईपी पुरस्कार समारोह-2026 में 78 नवप्रवर्तकों को सम्मानित किया गया था। वहां 36 पेटेंट, 18 कॉपीराइट, 9 ट्रेडमार्क और 3 शोध-पत्रों को मान्यता दी गई। संस्थान का कहना है कि दोनों परिसरों में आयोजित समारोह भारत में स्वदेशी तकनीकी नवाचार और बौद्धिक संपदा सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

















