नई दिल्ली, 31 जुलाई।
केंद्र सरकार ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए चलाए जा रहे प्रयासों की जानकारी राज्यसभा में दी। सरकार ने बताया कि नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना के तहत अब तक 2.71 लाख से अधिक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1.81 लाख सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई नमस्ते योजना का उद्देश्य जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई की जगह मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देना है। योजना के तहत सीवर, सेप्टिक टैंक और कचरा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद 2,71,155 PPE किट बांटी गई हैं। इसके अलावा 1,023 सफाई कर्मचारियों को मशीनीकृत सफाई उपकरण खरीदने के लिए पूंजीगत सहायता दी गई। वहीं 20,293 लाभार्थियों को व्यावसायिक सुरक्षा और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
सरकार ने बताया कि 1 जनवरी 2021 से 30 जून 2026 तक सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई के दौरान 332 सफाई कर्मचारियों की मौत हुई। इनमें 268 मामलों में पूर्ण मुआवजा और 18 मामलों में आंशिक मुआवजा दिया गया है।
मैला ढोने वालों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2013 और 2018 के सर्वेक्षण में चिन्हित 58,098 लोगों के लिए सहायता उपलब्ध कराई गई है। इनमें एकमुश्त नकद सहायता, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय मदद शामिल है।
केंद्र सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह मशीनीकृत कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि मैनुअल सफाई की प्रथा को समाप्त किया जा सके।

















