काठमांडू, 31 जुलाई।
पाकिस्तान के ब्रॉड पीक अभियान के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से एक दिन पहले नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा ने अचानक इस चोटी पर चढ़ाई की योजना बनाई थी। उन्होंने अपने संदेश में इस अभियान से जुड़ी भावनाएं और लक्ष्य साझा किए थे।
निर्मल पुर्जा का शुरुआती उद्देश्य केवल गाशरब्रुम-2 चोटी पर चढ़ाई करना था। लेकिन अभियान से पहले जब उन्होंने अपने 8,000 मीटर से ऊंचे शिखरों के रिकॉर्ड पर नजर डाली तो उन्हें लगा कि ब्रॉड पीक पर सफलता मिलने के बाद केवल चो ओयू चोटी ही बाकी रह जाएगी।
उन्होंने बताया था कि यदि यह लक्ष्य पूरा होता है तो वह बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर दो बार चढ़ाई करने वाले पहले पर्वतारोही बन जाएंगे। उन्होंने कहा था कि यह योजना पहले से तय नहीं थी और उनका मुख्य ध्यान अपने बड़े लक्ष्य पर था।
निर्मल पुर्जा ने अपने संदेश में कहा था कि उन्होंने कभी किसी अन्य पर्वतारोही से प्रतिस्पर्धा नहीं की। उनकी असली चुनौती हमेशा खुद को बेहतर बनाने की रही है और वह हर दिन अपनी सीमाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने अपने ऐतिहासिक पर्वत अभियान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बिना ऑक्सीजन के दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों पर चढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने बताया था कि उस दौरान उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
उन्होंने कहा था कि इस सफर में उन्होंने कई पर्वतारोहियों की मदद की, टीम का नेतृत्व किया, अभियान के लिए संसाधन जुटाए और कठिन परिस्थितियों में काम किया। उन्होंने यह भी बताया था कि इस दौरान परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभाईं।
ब्रॉड पीक अभियान से पहले उन्होंने पर्वत से केवल सुरक्षित चढ़ाई और सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की थी। उन्होंने कहा था कि वह किसी भी पर्वत को हल्के में नहीं लेते और हर अभियान में पूरी मेहनत के साथ उतरते हैं।
निर्मल पुर्जा ने अपने समर्थकों और आलोचकों दोनों का आभार जताते हुए कहा था कि हर व्यक्ति के जीवन में अपना एक पर्वत होता है, जिसे मेहनत और दृढ़ संकल्प से पार किया जा सकता है।
















