रायपुर, 30 जुलाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और बस्तर की पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित करेंगी।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। इसमें उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परगना मांझी, मांझी, चालकी सहित बस्तर की पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों और पद्मश्री सम्मानित लोगों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बस्तर पंडुम का पहला आयोजन वर्ष 2025 में हुआ था, जिसे विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला था। इस उपलब्धि के बाद वर्ष 2026 में महोत्सव का विस्तार किया गया।
इस बार प्रतियोगिताओं को सात विधाओं से बढ़ाकर 12 विधाओं तक किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लेकर अपनी लोककला और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित इस महोत्सव में जनपद, जिला और संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं हुईं। इनमें जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक पेय, व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि जैसी 12 विधाओं को शामिल किया गया।
















