नई दिल्ली, 31 जुलाई।
केंद्र सरकार ने पेपर लीक कानून को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि परीक्षा में अनुचित साधनों को रोकने के उद्देश्य से लाया गया संशोधन विधेयक अधिकांश सांसदों के समर्थन से पारित हुआ है।
रिजिजू ने कहा कि इस कानून का किसी ने सीधे तौर पर विरोध नहीं किया है। उन्होंने बताया कि कुछ आपत्तियां राजनीतिक कारणों से सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों का मुद्दा सभी दलों के लिए गंभीर विषय है। सरकार की प्राथमिकता इस कानून को जल्द लागू कर छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
संसदीय कार्य मंत्री ने संसद संचालन को लेकर भी विपक्ष से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना सभी के हित में है।
रिजिजू ने कहा कि संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं और उन्हें तय समय पर पारित करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह अपने मुद्दे जरूर उठाए, लेकिन प्रश्नकाल और विधायी कार्यों में बाधा न डाले।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और बहस महत्वपूर्ण हैं। साथ ही जनहित से जुड़े कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए सभी पक्षों का सहयोग भी जरूरी है।
संसद ने हाल ही में परीक्षा अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के मामलों में सजा और जुर्माने के प्रावधानों को पहले से अधिक कड़ा किया गया है।
















