नई दिल्ली, 31 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों राज्यों में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे कई अन्य विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
करीब 5,640 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया गया है। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता करीब 60 लाख है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बायोमेट्रिक यात्री प्रक्रिया, स्वचालित बैगेज प्रणाली और आधुनिक संचालन केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इस हवाई अड्डे की डिजाइन आंध्र प्रदेश की पारंपरिक चुट्टिलु झोपड़ियों, अराकू घाटी और उड़ने वाली मछली से प्रेरित है। प्रधानमंत्री भोगापुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में राज्य की पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई की आधारशिला भी रखेंगे। करीब 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना से हर साल लगभग 9.6 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन की योजना है। इससे उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री कुरनूल-4 अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की ट्रांसमिशन प्रणाली सहित कई ऊर्जा परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इन योजनाओं से अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों से पैदा होने वाली बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देशभर में पहुंचाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री करीब 1,880 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें चार लेन सड़क खंड, बाईपास और उच्च स्तरीय पुल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे यातायात दबाव कम होने और सड़क सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है।
दोपहर बाद प्रधानमंत्री कर्नाटक के मैसूर पहुंचेंगे, जहां वे श्री रामकृष्ण आश्रम में बने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
यह केंद्र नवंबर 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की स्मृति में तैयार किया गया है। 81 हजार वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में फैले इस केंद्र में 4-डी अनुभव केंद्र, प्रदर्शनी हॉल, पुस्तकालय, ध्यान एवं योग कक्ष, सम्मेलन कक्ष और विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं मौजूद हैं।
यह केंद्र स्वामी विवेकानंद के विचारों और राष्ट्र निर्माण के संदेश से प्रेरित होकर युवाओं के नेतृत्व विकास, मूल्य आधारित शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
















