इस्लामाबाद, 2 अगस्त।
पाकिस्तान में बलोच नागरिकों के कथित जबरन लापता किए जाने के मामलों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी बीच एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने आरोप लगाया है कि पांच और बलोच नागरिकों को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया, जिसके बाद उनका कोई पता नहीं चल सका।
संगठन के अनुसार, इन लोगों को कथित तौर पर आतंकवाद निरोधक विभाग, पाकिस्तान रेंजर्स, खुफिया एजेंसियों और सैन्य कर्मियों ने हिरासत में लिया। इसके बाद से उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संगठन ने पाकिस्तान के अधिकारियों से मांग की है कि लापता लोगों की स्थिति और उनका ठिकाना तत्काल सार्वजनिक किया जाए। साथ ही उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने, परिवार और कानूनी सहायता तक पहुंच देने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की अपील की गई है।
संगठन का कहना है कि जबरन लोगों को लापता करने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों के विपरीत हैं और इससे प्रभावित परिवार लंबे समय से पीड़ा झेल रहे हैं।
इसी बीच बलूचिस्तान में कथित न्यायेतर हत्याओं और जबरन लापता किए जाने के मामलों की संख्या बढ़ने की भी बात सामने आई है। ताजा रिपोर्ट में जून महीने के दौरान 77 हत्याओं और 63 जबरन गुमशुदगी के मामलों का उल्लेख किया गया है।












