गिलगित-बाल्टिस्तान, 2 अगस्त।
नेपाल में जन्मे प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का पाकिस्तान में ब्रॉड पीक अभियान के दौरान हिमस्खलन में निधन हो गया। इस हादसे में उनके साथ नौ अन्य पर्वतारोहियों की भी मौत हो गई। उनके अभियान का संचालन कर रही कंपनी ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इस दुखद घटना की पुष्टि की।
कंपनी ने बताया कि ब्रॉड पीक पर आए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा की जान चली गई। साथ ही अभियान में शामिल अन्य सदस्यों के भी जीवित नहीं बचने की पुष्टि की गई, हालांकि उनके बारे में अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की गई।
43 वर्षीय पुर्जा उत्तरी पाकिस्तान स्थित ब्रॉड पीक पर 10 पर्वतारोहियों के दल का नेतृत्व कर रहे थे। गुरुवार को 8,051 मीटर ऊंचे इस पर्वत पर हिमस्खलन आने के बाद पूरा दल लापता हो गया था। यह पर्वत दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी माना जाता है और गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र की कठिन पर्वतारोहण चोटियों में शामिल है।
इससे पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया था कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टरों के राहत एवं खोज अभियान में बाधा आई। इसके बावजूद शुक्रवार को चार शवों का पता लगाया गया और उनमें से तीन को बाहर निकाला गया। बचाव अभियान शनिवार को भी जारी रहा।
क्षेत्रीय प्रशासन ने जिन तीन लोगों की पहचान की, उनमें नेपाली पर्वतारोही पूर बहादुर गुरूंग, ओमान की पर्वतारोही नाधिरा अल हार्थी और अमेरिका की पर्वतारोही मैलोरी गीस शामिल हैं। नाधिरा अल हार्थी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली ओमानी महिला थीं।
पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब के अनुसार, इस अभियान में पांच नेपाली पर्वतारोही, ओमान और अमेरिका के एक-एक पर्वतारोही, पाकिस्तान के सोहेल साखी, वांग नामक एक चीनी पर्वतारोही और एक अन्य सदस्य शामिल थे। सबसे पहले इसी संगठन ने पूरे दल के लापता होने की जानकारी दी थी।













