नई दिल्ली, 2 अगस्त।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नीट-पीजी 2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा को सुचारु, सुरक्षित, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी आधारित तरीके से संपन्न कराने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड, प्रौद्योगिकी साझेदारों और परीक्षा आयोजन से जुड़े अन्य पक्षों की तैयारियों का आकलन किया गया। इस दौरान परीक्षा प्रबंधन, अभ्यर्थियों के लिए सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी मंत्री को दी गई।
जेपी नड्डा ने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और अभ्यर्थी हितैषी होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
उन्होंने बताया कि अंतिम प्रश्नपत्र का चयन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले अत्यधिक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसकी गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर तकनीकी और परिचालन संबंधी सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। मंत्री ने परीक्षा के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की और सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को सहज और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष दो लाख 73 हजार 183 अभ्यर्थियों ने नीट-पीजी 2026 के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक है। परीक्षा देश के लगभग 340 शहरों और 1300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित की जाएगी।













