तेहरान, 2 अगस्त।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इजराइल की 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हुई संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देश एक बार फिर बड़े हमले की तैयारी में बताए जा रहे हैं। इस बार निशाने पर ईरान का ऊर्जा ढांचा हो सकता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में संघर्ष खाड़ी क्षेत्र से आगे तक फैल सकता है और उसकी सेना दुश्मन के ठिकानों तक जवाबी कार्रवाई करेगी। इसके मद्देनजर इजराइल ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं।
मौजूदा हालात को लेकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की और ईरान पर नए हमले के खिलाफ आगाह किया। दूसरी ओर, मध्य पूर्व के कई शहरों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से दूतावासों ने जरूरत पड़ने पर वहां से निकलने के लिए तैयार रहने को कहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में कहा कि अमेरिका अपने कदम पीछे नहीं खींचेगा और ईरान को झुकना होगा। सूत्रों के अनुसार, ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई इसी सप्ताहांत शुरू हो सकती है। इस बीच ईरान के सांसद और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने कहा कि किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उनका कहना है कि इस बार जवाब केवल फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा और दुश्मन के सभी ठिकाने निशाने पर होंगे।
रेजाई ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरान पहले की धमकियों से प्रभावित नहीं हुआ है और उसकी सेना पूरी तरह तैयार है। इसी बीच विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर अमेरिका तक संदेश पहुंचाने का आग्रह किया कि नए हमले के परिणाम गंभीर होंगे।
ब्रिटिश नौसेना ने जानकारी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में शनिवार को एक व्यावसायिक टैंकर पर हमला हुआ। एक अन्य टैंकर के पास भी विस्फोट की घटनाएं सामने आईं, हालांकि उसे अधिक नुकसान नहीं पहुंचा। एक जहाज का इंजन कक्ष क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। इसके अलावा ओमान के तट पर फंसे एक प्रतिबंधित टैंकर से कच्चे तेल के रिसाव की जानकारी भी सामने आई है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि किसी भी जहाज से इस तरह का शुल्क नहीं लिया जा रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हूती केवल सऊदी झंडे वाले जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी की घोषणा कर चुके हैं।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव मोहम्मद बाघेरी जोलघद्र ने कहा कि यदि अमेरिका फिर हमला करता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी और कड़ी कर दी जाएगी। साथ ही अन्य समुद्री मार्ग भी बंद किए जा सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 28 फरवरी के हमले के तुरंत बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।














