ढाका, 3 अगस्त।
बांग्लादेश के उच्च न्यायालय ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को चार मामलों में से दो और मामलों में जमानत दे दी है। ब्रह्मचारी करीब 20 महीने से जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर भारत सहित कई देशों ने पहले भी कड़ी आपत्ति जताई थी।
उनके अधिवक्ता अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने जमानत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्रह्मचारी के खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से अब तक चार मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है।
उच्च न्यायालय की पीठ ने रविवार देर शाम यह आदेश जारी किया। हालांकि, अभी उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहाई नहीं मिलेगी, क्योंकि दो अन्य मामलों में जमानत मिलना बाकी है।
अधिवक्ता के अनुसार, चटगांव में वकील सैफुल इस्लाम की मौत से जुड़े हत्या के मामले की सुनवाई जारी है। इसके अलावा राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े राजद्रोह मामले में उनकी जमानत पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश प्रभावी है।
जिन दो मामलों में अभी जमानत का इंतजार है, उन पर अगली सुनवाई 16 अगस्त को निर्धारित है।
चिन्मय ब्रह्मचारी को 25 नवंबर, 2024 को राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े राजद्रोह के मामले में ढाका से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।














