जयपुर, 03 अगस्त।
उपभोक्ताओं को सही तौल और निर्धारित मात्रा में वस्तुएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जयपुर जिले में विधिक मापविज्ञान विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर विभिन्न प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कम तौल, बिना पैकर्स पंजीकरण और अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरणों के उपयोग जैसी अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने कुल 1.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
निरीक्षण के दौरान किराना किंग में 500 ग्राम के पास्ता पैकेट के परीक्षण में निर्धारित मात्रा से कम सामग्री पाई गई। विभाग ने कम तौल वाले 500 पास्ता पैकेट जब्त किए। साथ ही प्रतिष्ठान के पास पैकर्स पंजीकरण नहीं मिला और अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरणों का उपयोग भी पाया गया। इन अनियमितताओं पर 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसी प्रकार झंडेवालास फूड लिमिटेड में ‘नमन देसी घी’ के 15 किलोग्राम पैक की जांच के दौरान कम तौल की पुष्टि होने पर 380 पैकेट जब्त किए गए। इस मामले में विभाग ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा नानाजी फूड प्रोडक्ट्स में पैकर्स पंजीकरण नहीं होने और अप्रमाणित उपकरण मिलने पर 21 हजार रुपये, रारा उद्योग, बगरू रीको में अप्रमाणित उपकरण मिलने पर 8 हजार रुपये, समस्ता फूड्स प्रा. लि., सांगानेर में 16 हजार रुपये तथा एस.एस. एंटरप्राइज, मालवीय नगर में पैकर्स पंजीकरण के अभाव और अप्रमाणित उपकरण पाए जाने पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
वहीं श्रीनाथ फूड प्रोडक्ट्स, मालवीय नगर के निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलीं और वहां किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम तौल, बिना पंजीकरण व्यापार और अप्रमाणित वजन एवं माप उपकरणों का उपयोग करने वालों के खिलाफ प्रदेशभर में विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विधिक मापविज्ञान विभाग ने लोगों से खरीदारी के समय पैकेट पर अंकित वजन, अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और अन्य अनिवार्य जानकारियों की जांच करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि कम तौल या अन्य किसी अनियमितता की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचना दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई की जा सके। ऐसे विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को पूरा माप, सही तौल और निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित किया जा सके।
















