नई दिल्ली, 03 अगस्त।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को लाजपत नगर स्थित लाजपत भवन में महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, शिक्षाविद और पत्रकार उत्कलमणि गोपबन्धु दास की प्रतिमा का अनावरण किया। दिल्ली में स्थापित यह गोपबन्धु दास की पहली प्रतिमा है।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति ने लाला लाजपत राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। इसके बाद उन्होंने रिमोट के माध्यम से गोपबन्धु दास की प्रतिमा का अनावरण किया।
कार्यक्रम में गोपबन्धु दास के सेवा कार्यों को याद किया गया। बताया गया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, वंचितों, अनाथों और पीड़ितों की सेवा, शिक्षा के प्रसार तथा राष्ट्र जागरण के लिए समर्पित किया। इन्हीं योगदानों के कारण उन्हें 'उत्कलमणि' अर्थात उड़ीसा का रत्न कहा गया।
समारोह में लोकसेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा और राष्ट्रीय सचिव रमानाथ झा ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुअल ओराम, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा, डॉ. संत्रुप्त मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। दीपक मालवीय और राजेंद्र कुमार जेना ने अतिथियों का स्वागत किया तथा सभी ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने लोकसेवक मंडल के आजीवन सदस्यों और पदाधिकारियों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और उनके साथ स्मृति-चित्र भी खिंचवाए।
समारोह में उत्कलमणि गोपबन्धु दास के परिजन, विभिन्न राज्यों से आए समाजसेवी, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि तथा लोकसेवक मंडल के सदस्य मौजूद रहे। वक्ताओं ने उनके सेवा, त्याग, शिक्षा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।
















