नई दिल्ली, 03 अगस्त।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी की सर्व-महिला टीम ने देश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से युवाओं, विशेषकर महिलाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने आईएएसवी त्रिवेणी के सर्व-महिला दल से मुलाकात की। यह दल ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ त्रि-सेवा वैश्विक नौकायन अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा था।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में 25 हजार से अधिक समुद्री मील की यात्रा पूरी की। इस दौरान दल ने दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल चार महासागरों की यात्रा करते हुए केप लीउविन, केप हॉर्न और केप ऑफ गुड होप का चक्कर लगाया तथा वैश्विक समुद्री परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया।
राष्ट्रपति ने महिला अधिकारियों के साहस, धैर्य, दृढ़ संकल्प और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि देश के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
यह अभियान भारत का पहला त्रि-सेवा सर्व-महिला वैश्विक समुद्री परिक्रमा अभियान है, जिसका उद्देश्य नारी शक्ति, तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन और भारत की समुद्री क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना था। इसकी शुरुआत 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से हुई थी।
स्वदेश निर्मित नौकायन पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार दल ने 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील की यात्रा पूरी कर 22 जुलाई को मुंबई लौटकर अभियान का समापन किया। इस दौरान दल ने चार महासागरों की यात्रा की, भूमध्य रेखा को दो बार पार किया और विश्व के तीन प्रमुख अंतरीपों की समुद्री परिक्रमा पूरी की।
अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर ने किया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू उप-अभियान प्रमुख रहीं। इस दल में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की कुल नौ महिला अधिकारी शामिल थीं।

















