नई दिल्ली, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सौर तथा पवन ऊर्जा उत्पादन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की चर्चा आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर भी होगी।
नई दिल्ली में आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उनका कहना था कि सौर और पवन ऊर्जा के विस्तार से भविष्य में चौबीसों घंटे ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में बताया कि मध्य प्रदेश वर्तमान में भारतीय रेलवे सहित देश के आठ राज्यों को ऊर्जा की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने इसे राज्य की ऊर्जा क्षमता और विकास का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ राज्य के हरित ऊर्जा मॉडल, निवेश अनुकूल नीतियों और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में हुई प्रगति को प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास से जुड़ी नई नीतियां लागू कर निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया है। उन्होंने बताया कि आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम सौर टैरिफ प्राप्त हुआ है। उनका कहना है कि इन्हीं प्रयासों के कारण राज्य भारतीय रेलवे और आठ राज्यों को हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम हुआ है।














