नई दिल्ली, 06 अगस्त।
FCRA संशोधन विधेयक-2026 को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रस्तावित संशोधनों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह विधेयक सरकार के अधिकारों का दायरा बढ़ाएगा और सामाजिक संस्थाओं की स्वतंत्र कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
शशि थरूर ने कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों के तहत यदि किसी संस्था का एफसीआरए पंजीकरण रद्द हो जाता है, उसकी अवधि समाप्त हो जाती है या उसका नवीनीकरण नहीं होता है, तो सरकार उस संस्था की विदेशी सहायता और उससे अर्जित संपत्तियों के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त कर सकती है। उनके अनुसार इससे कार्यपालिका के अधिकारों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
अपने एक लेख का हवाला देते हुए थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार गैर-सरकारी संगठनों, चैरिटी संस्थाओं, थिंक टैंक और मानवाधिकार संगठनों को विकास के साझेदार के बजाय संदेह की दृष्टि से देखती है। उनका कहना है कि प्रस्तावित विधेयक के तहत गठित की जाने वाली प्राधिकरण ऐसी संस्थाओं की विदेशी फंडिंग और उससे जुड़ी संपत्तियों का प्रबंधन संभाल सकेगी। यदि किसी संस्था की संपत्ति धार्मिक स्थल होगी तो उसके धार्मिक स्वरूप को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उसी प्राधिकरण के पास होगी।
थरूर ने कहा कि सरकार पहले से ही एफसीआरए कानून के तहत नियमों को अधिक सख्ती से लागू कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अन्य संस्थाओं को विदेशी अनुदान हस्तांतरित करने पर रोक, प्रशासनिक खर्च की सीमा घटाने और विदेशी फंड केवल नई दिल्ली की एक निर्धारित बैंक शाखा के माध्यम से प्राप्त करने जैसे प्रावधानों का असर सामाजिक संस्थाओं पर पड़ा है। उनके अनुसार इससे विदेशी सहायता में उल्लेखनीय कमी आई है और कई संस्थाओं का काम प्रभावित हुआ है।
उन्होंने विशेष रूप से चर्च और उससे जुड़े सामाजिक संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये संस्थाएं लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं तथा विदेशी अनुदान, स्थानीय सहयोग और शुल्क के माध्यम से अपनी गतिविधियां संचालित करती हैं।
गृह मंत्रालय के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 से 2022 के बीच 13,520 संगठनों को कुल 55,741 करोड़ रुपये का विदेशी योगदान प्राप्त हुआ। वहीं, 15 जुलाई 2026 तक देश में 14,449 सक्रिय एफसीआरए प्रमाणपत्र दर्ज थे, जबकि 22,498 प्रमाणपत्र रद्द और 15,212 प्रमाणपत्रों की अवधि समाप्त हो चुकी थी।














