मुंबई, 18 सितंबर।
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद के घर जब भी गणेशोत्सव पर बप्पा पधारते हैं, तो यह मौका सिर्फ उत्सव का उल्लास लेकर नहीं आता, बल्कि ढाई दशक से भी ज्यादा पुरानी उन संघर्ष भरी यादों को ताजा कर देता है, जब उन्होंने मायानगरी में अपनी तकदीर लिखने की शुरुआत की थी। करियर के शुरुआती दौर में जब वह मुंबई की अनजान गलियों में अपनी पहचान तलाश रहे थे, तभी उन्होंने बप्पा को घर लाने का संकल्प लिया था। आज 26 साल का यह लंबा सफर इस बात की गवाही देता है कि उनकी यह परंपरा आज भी उतनी ही सच्ची श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।
सोनू के लिए गणपति सिर्फ आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उनका हाथ थामा और उन्हें जीवन का सही अर्थ समझाया। गणेश उत्सव के पावन अवसर पर की गई एक विशेष बातचीत में उन्होंने अपने आध्यात्मिक सफर, जनसेवा के जज्बे और फिल्मों की दुनिया में अपने बदलते हुए दृष्टिकोण पर खुलकर दिल की बात रखी।
जब मुंबई आए थे, तब जीवन में अनगिनत मुश्किलें थीं और इसी कठिन दौर में उन्होंने बप्पा को अपने द्वार पर लाने का पक्का इरादा किया था। उन्होंने साझा किया कि किस तरह पिछले 26 वर्षों से यह सिलसिला लगातार चल आ रहा है और उनकी इकलौती प्रार्थना यही होती है कि वे ताउम्र भगवान के दिखाए मार्ग पर चलते रहें। उनके मुताबिक, बाप्पा के घर आने से न सिर्फ घर का माहौल खुशनुमा बनता है बल्कि इस बहाने पूरा परिवार, दोस्त और तमाम करीबी एक छत के नीचे इकट्ठा हो जाते हैं, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी वरदान से कम नहीं है।
अपने दो दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर को याद करते हुए अभिनेता ने माना कि समय के साथ उनका नजरिया काफी बदला है। विघ्नहर्ता को वे दूसरों के जीवन में रोशनी लाने की प्रेरणा का स्रोत मानते हैं और जरूरतमंदों की सेवा करने को ही बप्पा का असली आशीर्वाद बताते हैं। फिल्मों और निर्देशन के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद को किसी एक सांचे में ढालने के पक्ष में नहीं हैं। अपनी हालिया फिल्म 'फतेह' के बाद अब वे आगामी फिल्म 'नंदी' पर पूरी शिद्दत से काम कर रहे हैं, जिसकी स्क्रिप्ट पर उन्होंने करीब डेढ़ साल का लंबा वक्त बिताया है। लेखन से लेकर साउंड डिजाइनिंग तक हर पहलू को बारीकी से समझते हुए वे एक निर्देशक के रूप में अपनी अनूठी रचनात्मक छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।












