श्योपुर, 18 सितंबर।
भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के चार सफल वर्ष पूरे होने के खास अवसर पर मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बेहद उत्साहजनक और खुशखबरी भरी खबर सामने आई है। देश की धरती पर जन्मी मादा चीता केजीपी-12 ने चार नए शावकों को जन्म दिया है, जिसके बाद अब पूरे भारत में चीतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 56 तक पहुंच गया है। इन नन्हे मेहमानों के आगमन से कूनो में चीता वंश के तेजी से फलने-फूलने की उम्मीदों को और अधिक मजबूती मिली है।
इस बड़ी उपलब्धि पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रोजेक्ट चीता की पूरी कार्यदायी टीम को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण करार देते हुए लिखा कि प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के ठीक एक दिन बाद भारत में जन्मी इस मादा चीता द्वारा चार शावकों को जन्म देना देश में वन्यजीव संरक्षण की बढ़ती कामयाबी का एक बेहतरीन प्रमाण है।
विस्तृत आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में अकेले कूनो नेशनल पार्क के भीतर कुल 49 चीते मौजूद हैं। इनमें से 17 चीते पूरी तरह से खुले जंगलों में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जिनमें 10 नर और 7 मादा शामिल हैं। इसके अलावा, पार्क के सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में 32 चीते रखे गए हैं, जिनमें 5 नर, 8 मादा और एक वर्ष से कम आयु के शावक भी शामिल हैं।
चीता पुनर्स्थापना अभियान का दायरा अब कूनो की सीमाओं से आगे बढ़कर अन्य क्षेत्रों में भी फैल रहा है। इसके तहत मध्य प्रदेश के ही गांधी सागर अभयारण्य में भी वर्तमान में 3 चीते रह रहे हैं। इन चार नए नन्हें शावकों के जन्म को भारतीय वन्यजीव इतिहास और प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण की सफलता के रूप में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
















