ला पाज, 19 सितंबर।
वैज्ञानिकों ने बोलीविया के युंगास क्षेत्र में जंगली बिल्ली की एक नई प्रजाति की पहचान की है। खास बात यह है कि यह छोटी और धब्बेदार बिल्ली वर्षों से एक वन्यजीव अभयारण्य में मौजूद थी, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसे अलग प्रजाति के रूप में अब पहचाना गया है। यह एक सदी से अधिक समय में पहली बार है, जब जीवित जंगली बिल्ली की किसी नई प्रजाति का औपचारिक रूप से नामकरण और विवरण किया गया है।
यह खोज ‘करंट बायोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में सामने आई है। बोलीवियाई जीवविज्ञानी पाओला नोगालेस-आसकुंजार्स ने अभयारण्य में मौजूद इस बिल्ली की जांच की। नर बिल्ली की उम्र करीब 10 वर्ष है। इसकी लंबाई सिर से पूंछ के आधार तक करीब 46 सेंटीमीटर और वजन लगभग 1.4 किलोग्राम है। इसका आकार सामान्य घरेलू बिल्ली से भी छोटा है और शरीर पर गहरे, तेंदुए जैसे धब्बे हैं।
नई प्रजाति की पहचान के लिए शोधकर्ताओं ने कोलंबिया, पेरू और ब्राजील समेत विभिन्न क्षेत्रों की 30 से अधिक बिल्लियों के जीनोम की तुलना की। जहां ताजा नमूने उपलब्ध नहीं थे, वहां अमेरिका और यूरोप के संग्रहालयों में संरक्षित हड्डियों और खाल से मिले डीएनए का भी इस्तेमाल किया गया।
अध्ययन में पता चला कि यह बिल्ली एक अलग प्रजाति है, जिसकी वंशावली उसके करीबी संबंधियों से करीब 14 लाख वर्ष पहले अलग हुई थी। इसका वैज्ञानिक नाम ‘Leopardus tilcayo’ रखा गया है। शोधकर्ताओं ने यह नाम बोलीविया के एंडीज पर्वतीय क्षेत्र के उष्णकटिबंधीय बादल वाले जंगलों में स्थानीय समुदायों द्वारा पहले से इस्तेमाल किए जाने वाले नाम के आधार पर रखा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रजाति की संख्या, आहार, व्यवहार और पूरे आवास क्षेत्र की अभी जानकारी नहीं है। फिलहाल इसकी मौजूदगी बोलीविया के युंगास जंगलों में दर्ज हुई है। वनों की कटाई और खनन से इसके आवास पर खतरा है, इसलिए शोधकर्ता इसके संरक्षण पर जोर दे रहे हैं।
















