नई दिल्ली, 18 सितंबर।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कर्ज देने वाले बैंकों से राज्यों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के प्रयास तेज करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे छोटे उद्यमियों को अपने कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी और योजना से अधिक लोगों को जोड़ा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने वित्तीय जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, उद्यमियों के लिए ऋण का बेहतर इस्तेमाल करने और कारोबार बढ़ाने के लिए वित्तीय जानकारी महत्वपूर्ण है।
नगालैंड की एक उद्यमी ने छोटे कारोबारियों के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने की जरूरत बताई थी। उन्होंने बताया कि उनका नेटवर्क 10 से अधिक जिलों में लोगों को वित्तीय सेवाओं और ऋण तक पहुंच की जानकारी देने का काम कर रहा है।
इसके बाद सीतारमण ने कहा कि मुद्रा ऋण उपलब्ध कराने वाले बैंकों को हर राज्य में वित्तीय साक्षरता से जुड़े प्रयास करने के लिए भी कहा जाना चाहिए। उन्होंने समय पर मुद्रा ऋण चुकाने के फायदे भी बताए।
वित्त मंत्री ने कहा कि नियमित रूप से ऋण चुकाने से लाभार्थियों का ऋण रिकॉर्ड तैयार होता है। इससे आगे चलकर उन्हें बड़े कर्ज और सामान्य बैंकिंग सुविधाएं हासिल करने में आसानी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना का उद्देश्य बिना किसी जमानत के छोटे उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराना है। इससे उन कारोबारियों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलता है, जिनके पास ऋण के बदले संपत्ति देने की सुविधा नहीं होती।
सीतारमण ने प्रधानमंत्री जनधन योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में शुरू हुई इस योजना ने बिना न्यूनतम शेष राशि की शर्त वाले खातों के जरिए लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में भूमिका निभाई। इसके बाद 2015 में मुद्रा योजना शुरू की गई, जिसके तहत छोटे उद्यमियों को बिना जमानत ऋण दिया गया।
बातचीत के दौरान कई लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने मुद्रा ऋण का इस्तेमाल कारोबार शुरू करने या उसका विस्तार करने में किया। इनमें कुछ लाभार्थी आगे कारोबार बढ़ाने के लिए बड़े ऋण की जरूरत भी बता रहे थे।
कर्नाटक के एक उद्यमी ने बताया कि कारोबार बढ़ने के साथ उनका ऋण एक लाख रुपये से बढ़कर पांच लाख रुपये हो गया। वह वर्तमान में तीन लोगों को रोजगार दे रहे हैं और एक बड़ी फैक्टरी स्थापित करना चाहते हैं।
पश्चिम बंगाल की एक प्रिंटिंग कारोबार संचालिका ने बताया कि महामारी के दौरान नुकसान झेलने के बाद उन्होंने अपना कारोबार दोबारा खड़ा किया। अब उनके यहां आठ लोग काम करते हैं और कारोबार बढ़ाने के लिए वह डिजिटल मशीन खरीदना चाहती हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के अनुभव बताते हैं कि औपचारिक ऋण और समय पर भुगतान के जरिए छोटे कारोबार आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि योजना की संरचना और लोगों की क्षमता पर भरोसा किया गया था।
सीतारमण ने यह भी कहा कि उद्यमियों के कारोबार बढ़ाने और व्यापक बाजारों तक ग्राहकों से जुड़ने के साथ अर्थव्यवस्था में छोटे व्यवसायों की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है।
















