मुंबई, 19 सितंबर।
भारत से सॉफ्टवेयर सेवाओं का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221.4 अरब डॉलर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक के वार्षिक सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है।
सर्वेक्षण के लिए 7,569 सॉफ्टवेयर निर्यात कंपनियों से संपर्क किया गया था। इनमें से 2,363 कंपनियों ने जानकारी दी। इनमें देश की अधिकांश बड़ी कंपनियां शामिल थीं।
सर्वे में शामिल कंपनियों का हिस्सा कुल अनुमानित सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात में करीब 89 प्रतिशत रहा। आईटी आधारित सेवाओं के निर्यात में बीपीओ सेवाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
अमेरिका भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात का सबसे बड़ा बाजार बना रहा। कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 54.1 प्रतिशत रही। यूरोप की हिस्सेदारी 31.8 प्रतिशत और ब्रिटेन की 15.4 प्रतिशत रही।
सॉफ्टवेयर सेवाओं की आपूर्ति मुख्य रूप से देश से बाहर रहकर की गई। इस तरीके से हुए निर्यात की हिस्सेदारी 91.7 प्रतिशत रही। विदेशी वाणिज्यिक उपस्थिति के माध्यम से दी गई सेवाओं को मिलाकर कुल सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 9.5 प्रतिशत बढ़कर 239.3 अरब डॉलर हो गया।
भारतीय कंपनियों की विदेशी सहयोगी इकाइयों का स्थानीय सॉफ्टवेयर कारोबार भी बढ़ा। यह 2024-25 के 13.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 17.9 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका और ब्रिटेन इस कारोबार के प्रमुख बाजार बने रहे।
















