भोपाल, 22 सितंबर।
मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर सक्रिय होने जा रहा है। 23 सितंबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं और 24 व 25 सितंबर को मौसम प्रणाली का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। इस दौरान करीब 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है। इसके साथ ही भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में भी तेज बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव की वजह निम्न दबाव क्षेत्र से बनी मौसमी परिस्थितियां बताई गई हैं।
प्रदेश में अब तक 33.7 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 856.8 मिलीमीटर यानी 33.7 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य अवधि में 922.6 मिलीमीटर यानी 36.3 इंच बारिश होनी चाहिए। इस तरह प्रदेश में करीब 2.6 इंच बारिश की कमी है और कुल वर्षा सामान्य से छह प्रतिशत कम है।
23 सितंबर से कुछ हिस्सों में बारिश शुरू होने की संभावना है। 24 सितंबर को पूर्वी के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा रह सकता है।
भोपाल और नर्मदापुरम में भी बारिश का असर
इससे पहले रविवार रात भोपाल के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सोमवार को दिनभर मौसम में बदलाव बना रहा और शाम को बादल छाए रहे। रात में कोलार क्षेत्र में हल्की बारिश दर्ज की गई।
नर्मदापुरम में तेज हवाओं के बाद करीब 45 मिनट तक बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली गुल रहने से शहर का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा अंधेरे में रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड के महाराणा प्रताप मार्केट में लगे गणेश पंडालों को भी नुकसान पहुंचा।
पूर्वी हिस्से में कमी घटी
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी करीब दो प्रतिशत रह गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में पूर्वी हिस्से की स्थिति में सुधार हुआ है और सोमवार तक कमी करीब दो प्रतिशत रह गई।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से पांच से 23 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी जिलों में भी बारिश की कमी
पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से सात से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
23 जिलों में औसत से ज्यादा वर्षा
प्रदेश के 23 जिलों में अब तक औसत से अधिक बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने से मानसून की विदाई से पहले प्रदेश की कुल बारिश में और वृद्धि हो सकती है। 25 सितंबर के बाद भी पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।
















