भोपाल, 23 सितंबर।
मध्य प्रदेश में मानसून के अंतिम दौर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में बने सक्रिय अवदाब के आगे बढ़ने से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है, जिसके प्रभाव से आगामी 26 सितंबर तक कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों यानी 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसत रूप से 869.3 मिलीमीटर यानी 34.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य कोटे के मुकाबले लगभग 91.5 प्रतिशत है। राज्य अभी भी कुल मिलाकर सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में बना हुआ है, हालांकि पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के आंकड़ों में अंतर देखा जा रहा है।
बुधवार को मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुरम और सागर समेत प्रदेश के अन्य तमाम जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी प्रदेश के करीब 33 जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसमें सागर के देवरी में सर्वाधिक 2.4 इंच पानी बरसा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मध्य भारत में यह मानसूनी सक्रियता बढ़ी है, जिससे आगामी चार दिनों के दौरान प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में और अधिक सुधार होने की पूरी संभावना है। हालांकि, पश्चिमी मध्य प्रदेश की तुलना में पूर्वी संभागों में बारिश का असर थोड़ा अधिक देखने को मिल सकता है।
















