काठमांडू, 25 सितंबर।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने संबोधन का समापन विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना के साथ किया।
उन्होंने नेपाल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख प्रतीकों भगवान पशुपतिनाथ और गौतम बुद्ध का उल्लेख करते हुए उनके संदेश को वैश्विक शांति से जोड़ा।
अपने संबोधन के अंत में शाह ने कहा, “भगवान पशुपतिनाथ विश्व का कल्याण करें। यह दुनिया बुद्ध द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल सके।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि पशुपतिनाथ नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक हैं। उन्होंने गौतम बुद्ध के जन्मस्थान लुंबिनी का भी उल्लेख किया और दोनों से जुड़े संदेश को विश्व कल्याण की भावना से जोड़ा।
शाह ने अपने भाषण में जलवायु संकट, प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक असमानता जैसे मुद्दे भी उठाए। उन्होंने विकासशील देशों के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने हिमालय क्षेत्र में जलवायु सहयोग और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सीमा-पार समन्वय की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही वैश्विक स्तर पर न्यायपूर्ण व्यवस्था की आवश्यकता बताई।
संबोधन के समापन पर शाह ने राजनीतिक और आर्थिक विषयों से आगे बढ़ते हुए शांति, मानव कल्याण और सह-अस्तित्व की भावना पर जोर दिया। उन्होंने नेपाल की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े संदेश को विश्व के सामने रखा।












