क्विटो, 25 सितंबर।
इक्वाडोर के गृहमंत्री जॉन रीमबर्ग ने बताया कि अमेरिकी सैनिकों की मदद से मैक्सिको के कुख्यात जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल से जुड़े स्थानीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। अभियान में 30 से अधिक संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
गृहमंत्री के अनुसार यह अभियान गुरुवार तड़के अमेरिकी सैनिकों और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से चलाया गया। कार्रवाई का उद्देश्य कार्टेल की स्थानीय शाखा को खत्म करना था।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह कोलंबिया से दक्षिण-पश्चिमी इक्वाडोर के बंदरगाहों के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोकीन की तस्करी में शामिल था। कई शहरों में चले अभियान में इक्वाडोर के करीब 320 पुलिस अधिकारी और अमेरिकी सदर्न कमांड के 50 वर्दीधारी जवान शामिल रहे।
अभियान से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए गए हैं। इनमें सुरक्षाकर्मियों को छापेमारी करते और संदिग्धों को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया है।
इक्वाडोर में आपराधिक संगठनों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। इन संगठनों ने बल के कथित अत्यधिक इस्तेमाल, यातना और लोगों के जबरन गायब किए जाने के मामलों की निंदा की है।
राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में इन चिंताओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना तो होती है, लेकिन अपराध से होने वाली मौतों और पीड़ितों को लेकर उतनी चिंता नहीं जताई जाती।
इस साल की शुरुआत में भी अमेरिकी कमांडो ने इक्वाडोर के सैनिकों के साथ संयुक्त अभियान में हिस्सा लिया था। इसका उद्देश्य देश के तट पर एक कथित मादक पदार्थ आतंकवादी संगठन के संदिग्ध आपराधिक ठिकाने को नष्ट करना था।
पिछले कुछ वर्षों में इक्वाडोर में कोकीन तस्करी से जुड़े गिरोहों का प्रभाव बढ़ा है। देश में मैक्सिको और कोलंबिया के कार्टेल से जुड़े आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं।
जून 2025 में इक्वाडोर के सबसे बड़े ड्रग लॉर्ड एडोल्फो मैकियास को दोबारा पकड़े जाने के बाद भी गिरोहों की हिंसा जारी रही। वह लॉस चोनेरोस गिरोह का प्रमुख है और 2024 में अधिकतम सुरक्षा वाली जेल से फरार हुआ था।
जुलाई 2025 में इक्वाडोर सरकार ने मैकियास को अमेरिका भेज दिया। वहां उस पर मादक पदार्थों की तस्करी और हथियारों से जुड़े कई आरोप हैं।












