न्यूयॉर्क, 25 सितंबर।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में मौजूद असमानता पर सवाल उठाया। संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में उन्होंने कहा कि दुनिया में हथियारों की आपूर्ति के लिए प्रभावी व्यवस्था है, लेकिन किसानों तक खाद और ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था कमजोर है।
शाह ने कहा कि अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल, राइफल और गोला-बारूद तय समय पर दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंच जाते हैं। इसके विपरीत नेपाल के किसान जरूरत के समय बाजार मूल्य चुकाने के बावजूद खाद और ईंधन नहीं खरीद पाते।
उन्होंने कहा कि दुनिया ने युद्ध के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तैयार की है, लेकिन खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के लिए व्यवस्था बिखरी हुई है। शाह के अनुसार, जो लोग किसी जरूरी वस्तु की कीमत चुका सकते हैं, उन्हें उसे खरीदने का अवसर मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर दुनिया 72 घंटे में हथियारों को किसी भी स्थान तक पहुंचा सकती है तो किसानों को सम्मानजनक आजीविका के साधनों से दूर रखने का कोई कारण नहीं होना चाहिए।
शाह ने इस समस्या को जलवायु न्याय और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि कमजोर और विकासशील देशों की आबादी उन संकटों का बोझ उठा रही है, जिन्हें पैदा करने में उनकी भूमिका नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर नेपाल जैसे देशों पर पड़ रहा है। साथ ही वैश्विक आपूर्ति शृंखला की कमजोरियां गरीब आबादी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा रही हैं।












