नई दिल्ली, 25 सितंबर।
बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय नीति बनाने की जरूरत बताई गई है। एक रिपोर्ट में स्कूलों में स्मार्टफोन इस्तेमाल पर स्पष्ट रोक और बच्चों की उम्र के अनुसार ऑनलाइन मंचों तक पहुंच तय करने की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा की जिम्मेदारी डिजिटल मंचों की होनी चाहिए। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी बच्चों या अभिभावकों के बजाय संबंधित मंचों की तय करने की बात कही गई है। अध्ययन में 40 से अधिक देशों के उम्र आधारित नियमों और 110 देशों की स्कूलों में मोबाइल फोन संबंधी नीतियों का विश्लेषण किया गया।
इन 110 देशों में 52 ने स्कूलों में स्मार्टफोन इस्तेमाल पर राष्ट्रीय कानून के जरिये रोक लगाई है। 31 देशों ने राष्ट्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जबकि नौ देशों ने फैसला स्कूलों पर छोड़ा है।
रिपोर्ट में सोशल मीडिया के लिए उम्र आधारित सीमा तय करने, बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर रोक, सुरक्षित उम्र सत्यापन और स्वतंत्र निगरानी संस्था बनाने का सुझाव दिया गया है। 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया खाता बनाने की अनुमति नहीं देने और 15 से 16 वर्ष के बच्चों के लिए अभिभावकीय सहमति जरूरी करने की सिफारिश की गई है। नीति निर्माण में बच्चों की भागीदारी और उन्हें सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है।














