भोपाल, 22 सितंबर।
भोपाल विज्ञान मेला-2026 का पांच दिवसीय आयोजन मंगलवार से बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में शुरू होगा। मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्याओं के समाधान की क्षमता को बढ़ावा देना है।
विज्ञान भारती, मध्य भारत प्रांत, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त आयोजन में विद्यार्थियों को इस बार केवल वैज्ञानिक मॉडल प्रदर्शित करने के बजाय वास्तविक समस्याओं के तकनीकी और व्यावहारिक समाधान तैयार करने का अवसर मिलेगा।
नवाचार संगम में 100 से अधिक परियोजनाएं
मेले की विशेष पहल ‘नवाचार संगम’ में विद्यार्थियों की तैयार की गई 100 से अधिक परियोजनाएं प्रदर्शित होंगी। इनमें कृषि, फसल सुरक्षा, कृषि उत्पादों के बाजार एवं विपणन, हाथ ठेला संचालन, श्रमिक सुरक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा से जुड़ी समस्याओं के समाधान शामिल हैं।
विद्यार्थियों को समस्या की पहचान से लेकर उसके विश्लेषण, प्रयोग, मॉडल निर्माण और व्यावहारिक समाधान तैयार करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसके लिए उन्हें किसान, श्रमिक, मैकेनिक और तकनीशियन जैसे संबंधित क्षेत्रों के लोगों से संवाद के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
53 वैज्ञानिक संस्थाओं की सहभागिता
मेले के ‘महाप्रदर्शन’ में देश की प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थाएं अपने अनुसंधान तथा तकनीकी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगी। आयोजन में इसरो, आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, एनटीपीसी, सीआईएल और गैल सहित करीब 53 संस्थाओं, उद्योगों और संगठनों की सहभागिता प्रस्तावित है।
मैपकॉस्ट के ‘रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन’ में शिल्पकारों, नवाचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्य 45 स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों और आम लोगों को वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विकास को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
वैज्ञानिकों से सीधे सवाल पूछ सकेंगे विद्यार्थी
मेले में ‘सीधा संवाद’ कार्यक्रम भी होगा। विद्यार्थी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से बातचीत कर विज्ञान, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक कॅरियर से संबंधित प्रश्न पूछ सकेंगे।
‘मेला दर्शन’ के तहत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी भी मेले का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रदर्शन, नवाचार परियोजनाओं और तकनीकी मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।
उद्घाटन में वैज्ञानिक और वास्तुविद होंगे शामिल
उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक एवं विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. शेखर मांडे और राम मंदिर के वास्तुविद सोमपुरा परिवार के आशीष सोमपुरा सहित अन्य गणमान्यजन शामिल होंगे।
इसी अवसर पर वरिष्ठ वास्तुविद एवं पद्मश्री चंद्रकांत बी. सोमपुरा को ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान-2026’ प्रदान किया जाएगा।
















