नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर को आयोजित होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कुलपति ने गुरुवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और जरूरी निर्देश दिए गए। बैठक में कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा, सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष एवं जनसंपर्क अधिकारी अनूप लाठर, अकादमिक अधिष्ठाता प्रो. के. रत्नाबली सहित विभिन्न समितियों के समन्वयक और अधिकारी मौजूद रहे।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार विद्यार्थियों को उसी वर्ष डिग्री दी जाएगी, जिस वर्ष वे अपना पाठ्यक्रम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाने या नौकरी हासिल करने के दौरान डिग्री की जरूरत होती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए समय पर उपाधि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इस वर्ष समारोह में 85,231 स्नातक और 7,235 परास्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा 400 से अधिक शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी।
समारोह में शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए 163 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और एक विद्यार्थी को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही 34 विद्यार्थियों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।














